Independence day: 77वें स्वतंत्रता दिवस पर देशभर में उत्साह का माहौल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को दी बधाई

आज पूरा देश 77वां स्वतंत्रता दिवस (Independence day)मना रहा है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पूरा राष्ट्र देशभक्ति के रंग में रंगा हुआ है। आजाद हिन्दुस्तान ने इन 76 वर्षों में कई उपलब्धियां हासिल की हैं।
विश्वभर में भारत की चेतना के प्रति, भारत के सामर्थ्य के प्रति एक नया आकर्षण, एक नया विश्वास पैदा हुआ है।

हाइलाइट्स:-

  • प्रधानमंत्री मोदी ने10वीं बार लाल किले से देश को संबोधित किया
  • सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय पर यकीन रखती है सरकार : मोदी
  • भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम दुनिया में तीसरे नंबर पर है
  • भारत के अमृतकाल का यह पहला वर्ष है

Independence day पर क्या कहा प्रधानमंत्री मोदी ने :-

देश मणिपुर के लोगों के साथ है:-

मोदी ने अपने भाषण में मणिपुर का जिक्र किया और कहा कि देश मणिपुर के लोगों के साथ हैं। मेरे परिवारजनों पिछले कुछ सप्ताह में मणिपुर और हिंदुस्तान के कुछ भागों में हिंसा का दौर चला, कई लोगों को अपना जीवन खोना पड़ा। मां-बेटियों के सम्मान के साथ खिलवाड़ हुआ। कुछ दिनों से अब लगातार शांति की खबरें आ रही हैं। देश मणिपुर के लोगों के साथ है, पिछले कुछ दिनों से जो शांति बनाकर रखी है, मणिपुर के लोग उसे आगे बढ़ाएं। राज्य और केंद्र सरकार मिलकर समाधान के भरपूर प्रयास कर रही है।

साथ ही कहा कि  इस बार प्राकृतिक आपदा ने देश के अनेक हिस्सों में अकल्पनीय संकट पैदा किया है। जिन्होंने इसे सहा है, मैं उनके प्रति गहरी संवेदना प्रकट करता हूं। राज्य और केंद्र सरकार उन सभी संकटों से जल्द मुक्त होकर तेज गति से आगे बढ़ेंगी।

Prime minister Modi :-घटना छोटी क्यों न हो, हजार साल तक प्रभाव छोड़कर रहती है

Prime minister Modi ने अपने भाषण में कहा कि देश के कुछ लोग अमिट छाप छोड़कर जाते हैं, प्रभाव लंबे समय तक रहता है। कभी-कभी वह छोटी सी घटना लगती है, लेकिन वह समस्याओं की जड़ बन जाती है। हजार-बारह सौ साल पहले इस देश पर आक्रमण हुआ। एक राजा की पराजय हुई, लेकिन तब नहीं पता था कि एक घटना भारत को हजार साल की गुलामी में फंसा देगी। हम गुलामी में जकड़ते हुए, जो आया लूटता गया, जिसका मन चाहा, हम पर सवार हो गया। कैसा विपरीत काल रहा होगा वह? घटना छोटी क्यों न हो, हजार साल तक प्रभाव छोड़कर रहती है।

Prime minister Modi : फिर देश के सामने एक मौका आया है :-

मैं आज इस बात का जिक्र इसलिए करना चाहता हूं क्योंकि भारत के वीरों ने इस कालखंड में देश की आजादी की लौ को जलता न रखा हो। मां भारती जंजीरों को झकझोर रही थी, मुक्त होने के लिए खड़ी हो गई थी, कोई हिंदुस्तानी ऐसा नहीं था, जो आजादी के सपनों को लेकर जीता न हो। आजादी के लिए मर-मिटने वालों की फौज तैयार हो गई थी।

जेलों में जवानी खपाने वाले अनेक महापुरुष गुलामी की बेड़ियों को तोड़ने में लगे हुए थे। बलिदान-तपस्या का व्यापक रूप आखिरकार 1947 में सफल हुआ, हजार साल की गुलामी में संजोए हुए सपने पूरे हुए। मैं हजार साल की बात इसलिए कर रहा हूं क्योंकि मैं देख रहा हूं कि फिर देश के सामने एक मौका आया है

Independence day से भारत का अमृतकाल का यह पहला वर्ष है:-

प्रधानमंत्री ने कहा कि हम ऐसे कालखंड में जी रहे हैं, हमारा सौभाग्य है कि भारत के अमृतकाल का यह पहला वर्ष है। या तो हम जवानी में जी रहे हैं या मां भारत की गोद में जन्म ले चुके हैं। मेरे शब्द लिखकर रखिए, इस कालखंड में हम जो करेंगे, जो कदम उठाएंगे, त्याग करेंगे, तपस्या करेंगे, आने वाले एक हजार साल का देश का स्वर्णिम इतिहास उससे अंकुरित होने वाला है। इस कालखंड में होने वाली घटनाएं आगामी एक हजार साल के लिए प्रभाव पैदा करेंगी। देश पंच प्रण को समर्पित होकर एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा आज पूरे विश्व में देशों की उम्र ढल रही है, तब भारत युवान की तरफ ऊर्जावान होकर बढ़ रहा :-

पीएम बोले कि मैं साफ देख रहा हूं कि मां भारती जागृत हो चुकी है। विश्व भर में भारत की चेतना और सामर्थ्य के प्रति नया आकर्षण, नया विश्वास पैदा हुआ है, उसे विश्व में अपने लिए ज्योति नजर आ रही है। हमारा सौभाग्य है कि कुछ ऐसी चीजें हमारे पास हैं, जो हमारे पूर्वजों ने हमें दी हैं। आज हमारे पास डेमोग्राफी है, आज हमारे पास डेमोक्रेसी है, आज हमारे पास डायवर्सिटी है।

 यह त्रिवेणी भारत के हर सपने को साकार करने का सामर्थ्य रखती है। आज पूरे विश्व में देशों की उम्र ढल रही है, तब भारत युवान की तरफ ऊर्जावान होकर बढ़ रहा है। आज तीस साल से कम आयु की जनसंख्या दुनिया में सर्वाधिक कहीं हैं तो यह भारत मां की गोद में है। तीस साल से कम उम्र के नौजवान हों, कोटि-कोटि भुजाएं हों, मस्तिष्क हों, संकल्प हों, सपने हों तो हम इच्छित परिणाम प्राप्त करके रह सकते हैं।

भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम दुनिया में तीसरे नंबर पर

Prime minister Modi बोले कि हम आने वाले एक हजार साल के भव्य पड़ाव पर खड़े हैं। हमें न रुकना है, न दुविधा में जीना है। हमें खोई हुई उस विरासत का गर्व करते हुए, समृद्धि को प्राप्त करते हुए आगे बढ़ना है। ये बात बांधकर चलें कि हम जो भी कदम उठाएंगे, फैसला लेंगे, वह अगले एक हजार साल तक अपनी दिशा निर्धारित करने वाला है। भारत के भाग्य को लिखने वाला है।

 मेरे देश के नौजवानों, बेटे-बेटियों को यह जरूर कहना चाहूंगा कि जो सौभाग्य आज इन युवाओं को मिला है, ऐसा सौभाग्य शायद ही किसी के नसीब होता है। इसलिए हमें यह गंवाना नहीं है। युवा शक्ति पर मेरा भरोसा है, सामर्थ्य है। हमारी नीतियां भी उस युवा सामर्थ्य को बल देने के लिए है। आज मेरे युवाओं ने दुनिया में पहले तीन स्टार्टअप इकोसिस्टम में भारत को स्थान दिला दिया है।

झुग्गियों से निकले, छोटे गांवों से निकले बेटे-बेटियां कमाल दिखा रहे

Prime minister Modi ने कहा कि खेलों की दुनिया देखिए। झुग्गियों से निकले, छोटे गांवों से निकले बेटे-बेटियां कमाल दिखा रही हैं। सौ स्कूल ऐसे हैं जहां के बच्चे सैटेलाइट बना रहे हैं। हजारों टिंकरिंग लैब प्रेरणा दे रहे हैं। अवसरों की कमी नहीं है। आप जितने अवसर चाहेंगे, देश आसमान से भी ज्यादा अवसर देने का सामर्थ्य रखता है।

 मैं लाल किले की प्राचीर से बेटे-बेटियों का अभिनंदन करना चाहता हूं कि आज देश प्रगति की राह पर चल पड़ा है, मैं किसानों का भी अभिनंदन करना चाहता हूं। ये आपका ही पुरुषार्थ है कि जो देश आगे बढ़ रहा है। मैं मजदूरों का अभिनंदन करना चाहता हूं, देश को आगे बढ़ रहा है, उसमें श्रमिकों का बड़ा योगदान है। रेहड़ी वालों का भी हम सम्मान करते हैं, जो देश को आगे ले जा रहे हैं। पेशेवरों की भी प्रगति में भूमिका है।

आज देश को जी-20 समिट की मेहमानवाजी का अवसर मिला

Prime minister Modi ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय चेतना एक ऐसा शब्द है, जो चिंताओं से मुक्त कर रहा है। आज वह राष्ट्रीय चेतना सिद्ध कर रही है। जन-जन में हमारा विश्वास, जन-जन का सरकार पर, देश के प्रति विश्वास है। यह विश्वास हमारी नीतियों, हमारी रीति का है। मेरे परिवारजनों, यह बात निश्चित है कि भारत का सामर्थ्य विश्वास की नई बुलंदियों को पार करने वाली है। आज देश में जी-20 समिट की मेहमानवाजी का अवसर मिला है। हिंदुस्तान के हर कोने में जी-20 के कई कार्यक्रम हुए हैं। उसने देश की विविधिता का दुनिया को परिचय कराया है।

अब गेंद हमारे पाले में है, हमें अवसर नहीं जाने देना है

लाल किले की प्रचीर से Prime minister Modi कि कोरोना काल में भारत ने जिस प्रकार देश को आगे बढ़ाया, दुनिया ने हमारे सामर्थ्य को देखा। जब दुनिया की सप्लाई चेन तहस-नहस हो गई, तब हमने कहा था कि विश्व का विकास देखना है तो मानव केंद्रित होना चाहिए। तब जाकर सही समाधान निकालेंगे। आज जो भारत ने कमाया है, वह दुनिया में स्थिरता की गारंटी लेकर आया है।

अब न हमारे मन में, न 140 करोड़ लोगों के मन में और न दुनिया के मन में कोई किंतु-परंतु है। अब गेंद हमारे पाले में है, हमें अवसर नहीं जाने देना है, मौका छोड़ना नहीं चाहिए। मेरे देशवासियों में समस्याओं की जड़ों को समझने का सामर्थ्य है, इसलिए 2014 में देशवासियों ने 30 साल के अनुभव के बाद तय किया कि देश को आगे ले जाना है तो मजबूत, स्थिर और पूर्ण बहुमत वाली सरकार चाहिए।

सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय पर यकीन रखती है सरकार

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि तीन दशकों तक अनिश्चितता और अस्थिरतता का कालखंड था, उससे मुक्ति मिली। देश के पास एक ऐसी सरकार है, जो सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय पर यकीन रखती है। वह पाई-पाई जनता की भलाई के लिए लगा रही है। मेरे देशवासियों का मान एक बात से जुड़ा हुआ है- राष्ट्र प्रथम। यही दूरगामी और सकारात्मक परिणाम पैदा करने वाला है।

2014 में और 2019 में आपने मजबूत सरकार फॉर्म की, तो मोदी में रिफॉर्म करने की हिम्मत आई। तब मेरे नौकरशाही के लाखों लोगों ने परफॉर्म करने वाली जिम्मेदारी बखूबी निभाई, अब जनता ट्रांसफॉर्म करती दिख रही है। रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म की ताकत नजर आ रही है। इससे आने वाले हजार सालों की नींव मजबूत हो रही है।

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