Shree Ram Janma Bhoomi Mandir: भक्त नही जा सकेंगे राम मंदिर के गर्भगृह तक , 35 फीट दूर से ही करने होंगे दर्शन; कमेटी ने जारी किया आदेश।

Shree Ram Janma Bhoomi Mandir:- अयोध्या में बन रहे श्री राम जन्म भूमि ट्रस्ट के सूत्रों के अनुसार, अब भक्तो को गर्भगृह में प्रवेश नही दिया जायेगा। यह फैसला गर्भगृह की पवित्रता को बनाए रखने के लिए लिया गया है साथ ही अगर हिंदू धार्मिक मान्यता की माने तो मंदिर के गर्भगृह में केवल राजा और मंदिर के पुजारी को ही जाने की अनुमती होती है

हाइलाइट्स:-

  • श्री राम जन्म भूमि ट्रस्ट के अनुसार, अब भक्तो को गर्भगृह में प्रवेश नही दिया जायेगा
  • 30 से 35 फीट दूर से ही करने होंगे दर्शन
  • गर्भगृह की पवित्रता को बनाए रखने के लिए लिया गया फैसला ।
Shree Ram Janma Bhoomi Mandir

Shree Ram Janma Bhoomi Mandir का उद्घाटन:-

भगवान श्री राम के अयोध्या में बन रहे मंदिर का निर्माण कार्य की प्रगति संतोषजनक है और दिसंबर 2023 से जनवरी महीने के तीसरे सप्ताह मेंं 21 से 24 में कभी भी प्राण प्रतिष्ठा कर सकते है। प्रधानमंत्री कार्यालय से तिथि मिलने के बाद इसे अंतिम रूप से घोषित किया जाएगा। इस बीच राम जन्मभूमि मंदिर में राम भक्तों को अपने आराध्य के दर्शन दूर से ही करने होंगे राम भक्तों को भगवान राम की प्रतिमा को छूने का अवसर नहीं मिल पाएगा। भक्तों को गर्भगृह में भी जाने की अनुमति नहीं होगी।

गर्भगृह की पवित्रता के लिये लिया गया फैसला:-

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ के ट्रस्ट के सूत्रों के अनुसार, यह फैसला गर्भगृह की पवित्रता को बनाए रखने के लिए लिया गया है। साथ ही हिंदू धार्मिक मान्यता की माने तो मंदिर के गर्भगृह में केवल राजा और मंदिर के पुजारी को ही जाने की अनुमति होती है। इस पारंपरिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए गर्भगृह में केवल प्रधानमंत्री और मुख्य पुजारी को ही प्रवेश मिलना तय किया गया है।

Shree Ram Janma Bhoomi Mandir

35 से 35 फीट दूर से होंगे भक्तो कोदर्शन:-

मंदिर के उद्घाटन के बाद भी राम भक्तों को लगभग 35 फीट की दूरी से भगवान के दर्शन करने की व्यवस्था रखी गई है । इससे मंदिर की पवित्रता के साथ-साथ भीड़ को नियंत्रण में रखने में सहायता मिलेगी । रामलला की प्रतिमा को 5 से 7 वर्ष के बीच के बालस्वरूप का बनाया जाएगा , लेकिन प्रतिमा इतनी बड़ी होगी कि श्रद्धालु भगवान की आंख और भगवान के चरण अपनी आंखों से देख सकें तथा प्रतिमा को ऊंचे स्थान पर रखा जाएगा जिससे दूर से भी लोगों को भगवान राम के बेहतर दर्शन हो सकें।

Shree Ram Janma Bhoomi Mandir

Shree Ram Janma Bhoomi Mandir ऐसा रहेगा श्री रामलला का श्रीविग्रह:-

रामलला के खड़े स्वरूप की इस मूर्ति के स्वरूप को बनाने के लिए पहले देश के चुने हुए मूर्त चित्रकार पहले इसका चित्र तैयार करेंगे और उसके बाद 9 से 12 इंच की छोटी-छोटी मूर्तियां राम मंदिर ट्रस्ट के पास आएंगी. इन्हीं मूर्तियों को देखकर रामलला के बाल स्वरूप की आंखें चेहरा और यहां तक की उंगलियां तक तय की जाएंगी और इसी के बाद मूर्ति का निर्माण मूर्ति विशेषज्ञों की टीम करेगी जिसमें 5 से 6 माह का वक्त लगने वाला है.

महासचिव चंपत राय ने बताया कि विद्वानों का सुझाव यह था कि दर्शक की आंख भगवान की आंख एक लाइन में आनी चाहिए. दर्शक कितनी दूरी से देखेगा तो कम से कम 30 से 35 फीट की दूरी से ही दर्शन करना संभव है. 5 फीट 10 फीट निकट जाकर के दर्शन नहीं हो सकेगा, 30 से 35 फीट दूर खड़ा हुआ दर्शक और भगवान की आंख और भगवान के चरण यह मनुष्य की आंख में आनी चाहिए .

Shree Ram Janma Bhoomi Mandir

रामलला की मूर्ति इस तरह तैयार होगी कि सूरज की किरण उनके मस्तिष्क को रामनवमी के दिन तिलक करें, अर्थात सूर्य की किरण उनके मस्तिष्क पर सीधे आकर पड़े यह भी तय हो गया है कि जिस तरह रामलला के श्याम वर्ण का वर्णन है. उसके लिए कोई ऐसा पत्थर तलाशा जाएगा जो आसमानी रंग का हो और थोड़ा ग्रे कलर में गाढ़ा हो. ऐसे पत्थरों के निरीक्षण के लिए राम मंदिर ट्रस्ट की टीम अलग-अलग स्थानों पर जाकर पत्थर तलाश कर रही है ।.

Also Read Apple: रूस ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए आधिकारिक कार्यों के लिए iPhone और iPad के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया

Leave a Reply