
इस सोशल मीडिया युग में, एक अनूठा मामला सामने आया है, जहाँ किसी व्यक्ति ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान IIT Bombay को 18.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर का भव्य दान किया है, जिसका मतलब भारतीय मुद्रा में लगभग 160 करोड़ रुपये के बराबर है। इस संवेदनशील कदम ने दिखाया कि दान की परंपरा और सहयोग की भावना अब भी हमारे समाज में मजबूती से जीवित है, चाहे सामाजिक मीडिया की दुनिया कितनी भी अद्यतन हो।
कौन है ये दानी
एक अजीब मामला सामने आया है, जिसमें एक दानी ने बिना किसी को नाम बताए एक बड़े राशि का दान किया है। यह व्यक्ति IIT Bombay के पूर्व छात्र है और उसने खुद को गुमनाम रहने का फैसला किया है। इस मामले में इतने बड़े अज्ञात दान की प्रक्रिया को देखकर आईआईटी बॉम्बे की ओर से भी प्रतिकिया आई यह पहली बार है।
IIT Bombay के डायरेक्टर ने क्या दी अपनी प्रतिक्रिया
IIT Bombay के डायरेक्टर सुभासिस चौधरी ने बताया कि इस हब की उपस्थिति से हम आधुनिक रिसर्च को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है, जिसमें विभिन्न विषयों पर सहयोग होगा, साथ ही जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करने की भी योजना बनाई जाएगी। यह उपयुक्त प्रमाण है कि समृद्धि के लिए सामूहिक प्रयासों का महत्व हमें नकारने नहीं चाहिए, बल्कि इनसे भविष्य को मजबूत दिशा मिल सकती है। एक धनराशि देने वाले ने यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि उनका नाम गुप्त रखा जाए, जिससे उनका पहचान नहीं जा सके। संस्थान ने उनके यथाशीघ्र आभार व्यक्त किया है।
मुश्किलो मे मिला साथ फंड की थी जरूरत
ये दान ऐसे समय में आया है जब इंस्टीटयूट का अपना बजट बिगड़ रहा है और खर्च कम करने में लगा हुआ है. इतना ही नहीं वो कर्ज की ओर रुख कर रहा था. कहा जा रहा है कि इन पैसों से कैंपस में ग्रीन उर्जा और सतत अनुसंधान केंद का निर्माण किया जाएगा. वहीं इस धनराशी का बड़ा हिस्सा रिसर्च पर खर्च किया जाएगा.वहीं दूसरी ओर IIT Bombay में कुछ वित्तीय संकट है, जिस वजह से वो उच्च शिक्षा वित्तीय एजेंसी (HEFA) से लोन ले रहा। ऐसे में ये दान और ज्यादा अहम हो गया है। अभी इस फंड का इस्तेमाल बुनियादी ढांचे के निर्माण में होगा, जबकि रिसर्च के लिए बड़ा हिस्सा अलग से रखा जाएगा।
नंदन नीलेकणी कर चुके हैं दान
इससे पहले इंफोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणी भी अज्ञात बनकर IIT Bombay को 85 करोड़ रुपए दे चुके हैं. हलांकि बाद इस दान की जानकारी हो गई थी. उन्होंने इसी साल जून 2023 में 315 करोड़ रुपए दान कर चुके हैं. इस तरह से उन्होंने अभी तक कुल 400 करोड़ रुपए दे चुके है. नंदन नीलेकणी साल 1973 में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग ब्रांच में ग्रेजूएट कर चुके हैं. उन्होंने ये दान संस्था से जुड़ने के 50 साल पुरे होने पर दिया था.
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