Aditya L1 : बस अब से कुछ देर मे, सूर्य की तरफ जाने का Countdown होगा शुरू |

चंद्रयान-3 ने सूरज की ओर दिशा बदल दी! इसरो तैयार है Aditya L1 मिशन के लिए

शनिवार को श्रीहरिकोटा के लॉन्चिंग सेंटर से इसरो ने शुरू किया Aditya L1 मिशन का काउंटडाउन। इस मिशन का लक्ष्य है सूर्य के सीक्रेट्स का पता करना। इसरो के अध्यक्ष एस. सोमनाथ ने बताया कि इसरो ने इस मिशन के लिए सभी तैयारियां पूरी की हैं और रॉकेट और सैटेलाइट रेडी हैं।

Aditya L1 मिशन का मुख्य उद्देश्य है सूर्य के आदित्य जगत के रहस्यों को सुलझाना। इस मिशन के जरिए हम सूरज के करीब जाकर उसके गुप्त रहस्यों का पर्दाफाश करने का प्रयास करेंगे।

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Aditya L1 कब और कहाँ से होगा launch

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (ISRO) ने देश के पहले सोलर मिशन को Aditya L1 नाम दिया है |

इसकी मदद से सूर्य के बारे में अधिक से अधिक जानकारी जुटाई जाएगी।

आदित्य-L1 मिशन का लॉन्‍च 2 सितंबर 2023 की सुबह 11.50 बजे होगा।


चंद्रयान-3 की तरह इसे भी श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्‍पेस सेंटर से लॉन्च किया जाएगा।​

Aditya L1 अंतरिक्ष यान को सूर्य और पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण प्रणाली के लार्ज्रेंज पॉइंट 1 (L1) के चारों ओर एक हेलो कक्षा में रखा जाएगा। यह जगह धरती से करीब 15 लाख किलोमीटर दूर है।

फिजिक्स में, लार्ज्रेंज पॉइंट्स ऐसे पॉइंट्स होते हैं जहां, दो-पिंडो वाली गुरुत्वाकर्षण प्रणाली में, एक छोटी वस्तु को जब वहां रखा जाता है तो वह स्थिर रहती है।

सूर्य और पृथ्वी जैसे दो-पिंड सिस्‍टम के लिए, लार्ज्रेंज बिंदु ऐसे ऑप्टिम पॉइंट्स बन जाते हैं जहां स्पेसक्राफ्ट कम ईंधन की खपत के साथ बने रह सकते हैं।

सोलर-अर्थ सिस्‍टम में पांच लार्ज्रेंज पॉइंट्स हैं। लार्ज्रेंज बिंदु L1 वह है जहां आदित्य एल1 जा रहा है।​

Aditya-L1

Aditya L1 मे कौन से पलोड का हुआ है उपयोग

आदित्य-एल1 पर ऑन-बोर्ड कुल सात पेलोड हैं। इनमें से चार रिमोट सेंसिंग पेलोड्स हैं और तीन इन-सिटु पेलोड्स। आदित्य-एल1 के उपकरणों को मुख्य रूप से क्रोमोस्फीयर और कोरोना सौर वातावरण का निरीक्षण करने के लिए ट्यून किया गया है।

रिमोट सेंसिंग पेलोड्स

विजिबल एमिशन लाइन कोरोनाग्राफ (VELC) : कोरोना/इमेजिंग और स्पेक्ट्रोस्कोपी
सोलर अल्ट्रावायलेट इमेजिंग टेलीस्‍कोप (SUIT) : प्रकाशमंडल और क्रोमोस्फीयर इमेजिंग- नैरो और ब्रॉड बैंड
सोलर लो एनर्जी एक्‍स-रे स्‍पेक्‍ट्रोमीटर (SoLEXS) : सॉफ्ट एक्‍स-रे स्‍पेक्‍ट्रोमीटर
हाई एनर्जी L1 ऑर्बिटिंग एक्‍स-रे स्‍पेक्‍ट्रोमीटर (HEL1OS) : हार्ड एक्‍स-रे स्‍पेक्‍ट्रोमीटर

इन-सिटु पेलोड्स

आदित्‍य सोलर विंड पार्टिकल एक्‍सपेरिमेंट (ASPEX)
प्‍लाज्‍मा एनालाइजर पैकेज फॉर आदित्‍य (PAPA)
ऐडवांस्ड ट्राई-एक्‍सल हाई रेजोल्‍यूशन डिजिटल मैग्‍नोमीटर्स
Advanced Tri-axial High Resolution Digital Magnetometers

Aditya L1 के प्रमुख उद्देश्य

Aditya-L1

इसरो के अनुसार, Aditya L1 मिशन के प्रमुख उद्देश्य इस प्रकार हैं:
सूर्य के ऊपरी वायुमंडल (किरणोत्सर्जन और कोरोना) के गतिकी का अध्ययन।


क्रोमोस्फीयर और कोरोना की हीटिंग, आंशिक रूप से आयनित प्लाज्मा के भौतिकी, कोरोनल मास इजेक्शन और फ्लेयर्स की शुरुआत का अध्ययन।


सूर्य से कण गतिशीलता के अध्ययन के लिए डेटा प्रदान करने वाले इन-सिटू कण और प्लाज्मा वातावरण का निरीक्षण करें।


सौर कोरोना और इसकी हीटिंग तंत्र का भौतिकी।


कोरोनल और कोरोनल लूप्स प्लाज्मा का निदान: तापमान, वेग और घनत्व।


सीएमई का विकास, गतिशीलता और उत्पत्ति।


उन प्रक्रियाओं के अनुक्रम को पहचानें जो कई परतों (क्रोमोस्फीयर, आधार और विस्तारित कोरोना) में होते हैं जो अंततः सौर विस्फोटक घटनाओं की ओर ले जाते हैं।


सौर कोरोना में चुंबकीय क्षेत्र टोपोलॉजी और चुंबकीय क्षेत्र माप।


अंतरिक्ष मौसम के चालक (सौर हवा की उत्पत्ति, संरचना और गतिशीलता)।

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