Maharashtra – रायगढ़ जिले में गुरुवार की रात तड़के भूस्खलन की वजह से भयानक तबाही हो गई है। इस घटना में 16 लोगों की मौत हो गई है और 100 से अधिक लोग फंसे होने का खतरा है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस दुखद घटना में मारे गए हर व्यक्ति के परिवार के लिए 5 लाख रुपये की मदद की घोषणा की है। सरकार इसके अलावा घायलों के इलाज का खर्च भी उठाएगी।
भूस्खलन का वारदात खालापुर तहसील के इरशालवाड़ी गांव से लगभग 80 किलोमीटर दूर, मुंबई से वे इलाके में हुआ था। इस समय वहां लगातार मूसलाधार बारिश हो रही थी। घटना के बाद स्पेशल ट्रैकर्स को बुलाया गया है ताकि भूस्खलन के हुए पहाड़ की चोटी तक पहुंच सकें।
गांव के ग्रामीणों के मुताबिक, बहुत से लोग इसलिए मारे गए क्योंकि उन्हें जागरूकता नहीं हुई थी और वे भूस्खलन के समय सो रहे थे, जिससे उन्हें अपनी जान बचाने का मौका नहीं मिला।
महाराष्ट्र में बारिश की स्थिति इतनी खराब है कि आईएमडी ने कई इलाकों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है और कई जगहों पर स्कूल बंद करने का निर्देश जारी किया गया है।
इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने इलाके की जनता को गहरे शोक में डाल दिया है। सरकार ने पीड़ित परिवारों के साथी होने के लिए वित्तीय सहायता की घोषणा करके उन्हें समर्थन दिया है। अब इस घातक मौसम से लड़ने के लिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है और सरकार को भी इस समस्या का समाधान ढूंढने के लिए सभी संभावित प्रयास करने की जरूरत है।
एकनाथ शिंदे ने किया घटना स्थल का जायजा
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सुबह घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव कार्य में लगे कर्मियों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि अब तक खोज और बचाव टीम ने 12 शव बरामद किए हैं और कम से कम 103 ऐसे लोगों की पहचान की गई है जो वहां रह रहे थे। इनमें से कुछ धान के खेतों में काम के लिए बाहर गए थे और कुछ बच्चे आवासीय स्कूलों में थे। अभी भी कुछ लोग लापता हैं और उन्हें ढूंढने का प्रयास जारी है। मुख्यमंत्री ने भी इसमें अपने सभी सरकारी संस्थानों को संपर्क स्थापित करने के निर्देश दिए हैं ताकि लापता लोग जल्द से जल्द प्राप्त हो सकें। उन्होंने लोगों से निवेदन किया है कि वे सरकारी निरीक्षण एवं बचाव के सभी दिशानिर्देशों का पालन करें और अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें। इस गंभीर परिस्थिति में सहायता के लिए विभाग लोगों की मदद के लिए पूरी तरह से तैयार है।
हेलिकोप्टर भी रहे अशक्षम
मुख्यमंत्री ने बताया कि खराब मौसम के कारण, अधिकारी बचाव अभियान के लिए मशीनरी ले जाने में सक्षम नहीं हैं। लेकिन अभियान को सफल बनाने के लिए दो हेलीकॉप्टर तैयार रखे गए हैं। इन हेलीकॉप्टरों की मदद से भूस्खलन प्रभावित ग्रामीणों के पुनर्वास को लेकर योजना बनाई गई है।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने बताया कि अस्थायी आश्रयों के रूप में 50 से 60 कंटेनर तैयार किए गए हैं, जिनसे भूस्खलन प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की योजना है। इन आश्रयों के माध्यम से ग्रामीणों को असुरक्षित मौसम से बचाया जा सकेगा और उन्हें उनके घरों से दूर ले जाकर सुरक्षित रखा जाएगा।
इस रूप में, अधिकारी बचाव अभियान को सफलता प्राप्त करने के लिए सरकार ने विभिन्न योजनाएं बनाई हैं और इनका पूरा लाभ खुद भूस्खलन प्रभावित ग्रामीणों को मिलेगा।
एकनाथ शिंदे ने जताया दुःख, बोले ये एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है
शिंदे ने बताया कि राज्य सरकार वर्तमान में क्षेत्र में बचाव और राहत अभियान चला रही है, जिसका मकसद सभी प्रयास करके मलबे में फंसे लोगों की मदद करना है। वह बताते हैं कि गांव भूस्खलन संभावित गांवों की सूची में शामिल नहीं था लेकिन इस आपदा के चलते उनकी प्राथमिकता अब मलबे में फंसे हुए लोगों को बचाने की है। वे इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण मानते हैं और राज्य सरकार प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है। वर्तमान में भारी बारिश हो रही है और मलबे में 20 फुट ऊंचे ढेर का निर्माण हो गया है।