I.N.D.I.A गठबंधन का pm Modi के आगे लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव गिरा

I.N.D.I.A. गठबंधन का अविश्वास प्रस्ताव हुआ धराशायी

I.N.D.I.A.गठबंधन के द्वारा PM Modi के लिए लाए गए लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग हुई. अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से गिर गया. इसके बाद संसद को 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया मोदी सरकार की जीत हुई

मणिपुर पर बोले Modi

मोदी के भाषण के बीच विपक्षी नेताओं ने सदन से वॉकआउट किया. विपक्ष का कहना था कि मोदी मणिपुर पर नहीं बोल रहे हैं

इसके बाद मोदी ने कहा कि लोकतंत्र में जिनका भरोसा नहीं होता है वो सुनने को तैयार नहीं होते. वे झूठ फैलाकर भाग जाते हैं।

इसके बाद मोदी ने मणिपुर पर कहा की. अगर विपक्ष ने गृह मंत्री की चर्चा पर सहमति जताई होती तो लंबी चर्चा हो सकती थी।

विपक्षी पार्टियां अविश्वास प्रस्ताव पर सभी विषयों पर बोले, हमारा भी दायित्व बनता है कि देश के विश्वास को प्रकट करें और सब चीजों के बारे में बताएं।

अगर सिर्फ मणिपुर पर चर्चा की बात थी गृहमंत्री ने पत्र लिखकर कहा था लेकिन विपक्ष का इरादा चर्चा का नहीं था. इनके पेट में दर्द था लेकिन फोड़ सिर रहे थे.

मोदी ने आगे कहा कि मणिपुर की स्थिति पर गृह मंत्री ने विस्तार से बताया था। लेकिन विपक्ष को राजनीति के सिवाय कुछ नहीं करना है।

मणिपुर में एक अदालत का फैसला आया. उसके पक्ष-विपक्ष में परिस्थिति बनी और हिंसा का दौर शुरू हुआ. कई लोगों ने अपनों को खोया, महिलाओं के साथ अपराध हुआ.

दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार काम कर रही है. देश भरोसा रखे, मणिपुर में शांति का सूरज जरूर उगेगा. मणिपुर के लोगों से भी कहना चाहता हूं कि देश आपके साथ है, हम आपके साथ हैं.

PM Modi ने कहा 2028 में तैयारी के साथ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आइएगा

पीएम मोदी ने विपक्ष पर निशाना बनाते हुए कहा कि

वे ना मुद्दे खोज पा रहे हैं, कोई इनोवेशन नहीं, कोई क्रिएटिविटी नहीं। 2028 में अविश्वास प्रस्ताव लेकर आईएगा।

पीएम मोदी ने कहा कि मैं विपक्ष से यह कहना चाहता हूं कि अगली बार थोड़ी तैयारी कर के आइएगा।

पीएम ने विपक्ष को सलाह देते हुए कहा थोड़ा दिमाग वाला काम कीजिए। उन्होंने कहा कि राजनीति अपनी जगह है।

संसद ये दल के लिए प्लेटफॉर्म नहीं है । यह देश के लिए सम्मानित सर्वोच्च स्थान है। ऐसे में सांसदों के लिए इसकी गंभीरता समझना जरूरी है। यहां का पल-पल का उपयोग देश के लिए होना चाहिए लेकिन विपक्ष को यह नजर नहीं आ रहा है

अधीर रंजन चौधरी लोकसभा से सस्पेंड

लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर हुई चर्चा के दौरान कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लेकर की गई कुछ टिप्पणियों और उनके आचरण के कारण बृहस्पतिवार को उन्हें सदन से निलंबित कर दिया गया

उनके खिलाफ इस मामले को जांच के लिए विशेषाधिकार समिति के पास भेज दिया गया।संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने इससे जुड़ा एक प्रस्ताव लोकसभा में पेश किया जिसे सदन ने ध्वनिमत से मंजूरी दी।

इससे पहले, कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के सदस्य सदन से बहिर्गमन कर चुके थे।प्रस्ताव के अनुसार, विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट आने तक कांग्रेस नेता चौधरी सदन की कार्यवाही से निलंबित रहेंगे।

सदन में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए चौधरी ने महाभारत के एक संदर्भ का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री के खिलाफ कुछ टिप्पणी की थी जिसे आसन ने तत्काल रिकॉर्ड से हटाने का निर्देश दिया।

इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह समेत सत्तापक्ष के कई सदस्यों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।भाजपा के सदस्य वीरेंद्र सिंह को आक्रामक होते देखा गया। इस घटनाक्रम के समय प्रधानमंत्री मोदी भी सदन में मौजूद थे।

प्रधानमंत्री मोदी जब चर्चा का जवाब दे रहे थे तो उस समय भी चौधरी ने कई बार टोका-टाकी की।चर्चा पर प्रधानमंत्री के जवाब के बाद जोशी ने कहा, ‘‘जब प्रधानमंत्री, मंत्री बोलते हैं या कोई चर्चा होती है तो कांग्रेस के नेता (चौधरी) जानबूझकर व्यवधान पैदा करने की कोशिश करते हैं…उनको इसकी आदत हो गई है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि वह इस सदन की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस के नेता हैं।’’

जोशी ने कहा, ‘‘बार-बार कहने पर भी उन्होंने सुधार नहीं किया। वह आधारहीन आरोप लगाते हैं। देश और देश की छवि कम करने की कोशिश करते हैं, जबकि उनके आरोप में कोई तथ्य नहीं होता। कभी क्षमा नहीं मांगते।’

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