Chandrayaan-3 13 जुलाई को उड़ान भरेगा, लैंडिंग अगस्त में होगी

भारत 14 जुलाई को दोपहर 2.35 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवनस्पेस सेंटर से स्पेसशिप चंद्रयान-3 लॉन्च करेगा। इसरो ने यह जानकारी दी है। इसरो चीफएस सोमनाथ ने बताया कि Chandrayaan-3 23 या 24 अगस्त को चंद्रमा की सतह पर सॉफ्टलैंडिंग की कोशिश करेगा।

अगर चंद्रयान-3 का लैंडर चांद पर उतरने में सफल होता है तो भारत ऐसा करने वाला चौथा देश बन जाएगा। इससे पहले अमेरिका, रूस और चीन चंद्रमापर अपने स्पेसक्राफ्ट उतार चुके हैं।

यान पूरी तरह तैयार है। इसे बुधवार को ही लॉन्चिंग व्हीकल LVM-III में फिट किया गया था। इस मिशन का पूरा बजट 651 करोड़ रुपए का है।

इस मिशन में भारत चांद की धरती पर एक लैंडर उतारेगा। इस लैंडर में एक रोवर भी है, जो चंद्रमा की धरती पर घूमेगा और वहां कुछ प्रयोग करेगा।

लैंडर चांद पर एक लूनर दिन तक रहेगा। एक लूनर दिन धरती के 14 दिन के बराबर होता है।

चंद्रयान-3 के लैंडर की चांद की सतह पर लैंडिंग के लिए जरूरी है कि वहां सूरज निकला हो। लैंडर के लिए सनलाइट जरूरी है। चांद पर 14-15 दिनसूरज निकलता है और बाकी 14-15 दिन सूरज नहीं निकलता है।

चांद की धरती की पड़ताल करेगा

चंद्रयान-3 चंद्रमा पर पता करेगा कि वहां का तापमान कैसा है, सतह पर भूकंप कैसे और कितने आते हैं, वहां प्लाज्मा एन्वायर्नमेंट कैसा है और वहां कीमिट्‌टी में कौन से तत्व हैं।

Leave a Reply