B20 Summit: ‘विश्वास का झंडा लेकर खड़े भारत में दुनिया का सबसे युवा टैलेंट’ – प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

भारतीय B20 Summit दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने B20 Summit को संबोधित करते हुए बताया कि इस बार त्योहारी सीज़न 23 अगस्त से शुरू हो गया है, जब हम चंद्रयान-3 मिशन के साथ चंद्रमा पर पहुंचे हैं। उन्होंने B20 Summit शिखर सम्मेलन में यह भी उजागर किया कि भारत ने अफ्रीकी संघ को जी-20 का स्थायी सदस्य बनने का प्रस्ताव दिया है। उनके इस संबोधन में एक प्रस्ताव आया कि साल में एक दिन ‘अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ता देखभाल’ का दिवस मनाया जाए। वे मुद्दों पर भी बात करते हुए कहते हैं कि भारत दुनिया के सबसे युवा टैलेंट के साथ समृद्धि की ओर बढ़ रहा है और आजकल इंडस्ट्री 4.0 के युग में डिजिटल क्रांति का मुख है। वे इस बात की महत्वपूर्णता भी उजागर करते हैं कि भारत और आपकी दोस्ती कितनी मजबूत होगी, उतनी ही समृद्धि को मिलेगी।

जानिए क्या है B20 Summit ?

बी-20 (बिजनेस 20) एक वैश्विक व्यापारिक समुदाय है, जो जी-20 के सबसे प्रमुख सहभागी समूहों में से एक है, जैसा कि पीएमओ से मिली जानकारी के मुताबिक बताया गया है। यह समूह 2010 में स्थापित किया गया था और यह वैश्विक व्यापारिक मुद्दों पर आधिकारिक डायलॉग फ़ोरम के रूप में कार्य करता है। समिट में लगभग 17000 व्यापारी और उद्यमिता हिस्सा ले रहे हैं, जो विभिन्न देशों से हैं।

B20 Summit : क्रांति का चेहरा है भारत उद्योग 4.0: मोदी

पीएम मोदी ने अपने भाषण में व्यक्त किया कि भारत की भूमिका वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में महत्वपूर्ण है। भारत उद्योग 4.0 क्रांति के प्रतीक के रूप में उभरा है, और आने वाले समय में वैश्विक व्यापार क्षेत्र की वृद्धि इस पर निर्भर होगी। उन्होंने इस बात को भी उजागर किया कि जो देश भारत से सहयोग और साझा काम करेंगे, वे इस महत्वपूर्ण तथ्य को पहले समझ पाएंगे। पीएम ने भविष्य की दिशा में विचार करते हुए बताया कि हरित ऊर्जा के प्रति हमारी संवेदनशीलता बढ़ रही है। इस संदर्भ में, हम सौर ऊर्जा के साथ हरित हाइड्रोजन के प्रयासों को भी दोहराने का प्रयास कर रहे हैं।

B20 Summit : 13.5 करोड़ लोग आये गरीबी के ऊपर

पीएम मोदी ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि उनकी सरकार ने पिछले पांच सालों में करीह 13.5 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है. कोरोना काल की चुनौतियों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने कोविड महामारी के दौरान टीके का उत्पादन बढ़ाकर करोड़ों लोगों का जीवन बचाया. 150 देशों को दवाइयां पहुंचाई. इस महामारी से पैदा हुए संकट ने दुनिया के हर देश को, हर समाज को, हर बिजनेस हाउस को, हर कॉरपोरेट इकाई को एक सबक दिया है कि हमें अब जिस चीज पर सबसे ज्यादा निवेश करना है, वो आपसी विश्वास है. कोरोना ने आपसी विश्वास को तहस-नहस कर दिया है. अविश्वास के इस माहौल में जो देश पूरी संवेदनशीलता के साथ, विनम्रता के साथ विश्वास का झंडा लेकर भारत आपके सामने खड़ा है

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