Amit shah on manipur violence : संसद में बताए मणिपुर हिंसा के कारण, हाईकोर्ट के फैसले ने आग में घी का काम करा

Amit shah on manipur: अपने लंबे भाषण में अमित शाह ने बताया कि मणिपुर की हिंसा का संबंध म्यांमार में हुए सैन्य परिवर्तन से है। उनके भाषण में कहा कि 2021 में म्यांमार में सैन्य शासन आया था।

इसके बाद कुकी समुदाय पर दबाव बढ़ा और उन्होंने जंगलों में शरण ली। इससे मणिपुर के अन्य हिस्सों में भी असुरक्षा की भावना पैदा हुई। अधिकारिक तौर पर सरकार ने सीमा बंद करने का निर्णय लिया, जिससे और अधिक असुरक्षित महसूस होने लगा

क्योंकि भारत की सीमा पर कोई प्रतिबंध नहीं था, इसलिए कुकी समुदाय के लोग मणिपुर और मिजोरम में आ गएउन्होंने हाईकोर्ट के 27 मार्च के आदेश का सुनाया, जिसमें आदिवासी कल्याण मंत्रालय को मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांग थी।

इसके परिणामस्वरूप मणिपुर में हिंसा बढ़ी, जिसमें अब तक 152 लोगों की मौके पर मौत हो चुकी है और 1106 प्राथमिकी दर्ज की गई है। कई लोग गिरफ्तार भी किए गए हैं।

विपक्ष की राष्ट्रपति शासन की मांग पर बोले Amit shah

विपक्ष ने अनुच्छेद 356 के लागू किए जाने की मांग की, लेकिन गृह मंत्री ने इसका खंडन किया।

उन्होंने कहा, “मणिपुर की राज्य सरकार सहयोग कर रही है, इसलिए अनुच्छेद 356 नहीं लागू किया जा सकता। जब तक सहयोग बना रहेगा, तब तक यह अनुच्छेद लागू नहीं हो सकता।”

मणिपुर में हिंसा के बाद तनाव बढ़ा, विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए। इस पर अमित शाह बोले गत महीने की हिंसा के बाद से अब तक 152 लोगों की मौके पर मौत हो चुकी है, जबकि 14,898 लोग गिरफ़्तार हो चुके हैं। इसके साथ ही राज्य में 1,106 एफ़आईआर दर्ज किए गए हैं।

गत महीने की हिंसा के बाद, मणिपुर के मुख्यमंत्री ने जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा, “हमें एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करना चाहिए और राज्य को आगे बढ़ाने के लिए सहयोग करना चाहिए। बिना शांति के, प्रगति संभव नहीं है।”

विपक्ष ने सरकार से पूछा कि क्यों सीएम को नहीं बदला गया, जिस पर गृह मंत्री ने जवाब दिया, “हमने मुख्य सचिव और डीजीपी को बदल दिया है। अगर सीएम ने सहयोग नहीं किया होता, तो हमने उन्हें बदल दिया होता। वर्तमान में सीएम बीरेन सिंह सहयोग कर रहे हैं।

“सवाल पर, गृह मंत्री ने यह भी कहा, “मैं विपक्ष के साथ सहमत हूं कि हिंसा को कोई भी समर्थन नहीं कर सकता। लेकिन इस मुद्दे का राजनीतिकरण करना नीतिगत रूप से गलत है।”

गृह मंत्री ने विपक्ष की मांग को खारिज करते हुए कहा, “मणिपुर के मुख्यमंत्री को बदलने की आवश्यकता नहीं थी, क्योंकि उन्होंने स्वयं को साबित किया है। उन्होंने यह साबित किया है कि वह राज्य में शांति और प्रगति के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

इसके साथ ही, गृह मंत्री का कहना था कि मणिपुर के गृह राज्य मंत्री ने भी राज्य में अपने सहयोगी के साथ काम किया है और इसमें 23 दिनों तक जुटे रहे हैं।

Amit shah बोले वायरल वीडियो पर

वायरल वीडियो पर अमित शाह ने कहा कि मणिपुर वायरल वीडियो इस संसद सत्र के शुरू होने से पहले क्यों आया?

अगर किसी के पास यह वीडियो था, तो उन्हें इसे डीजीपी को देना चाहिए था और उसी दिन 4 मई को कार्रवाई की गई होती।

हमें जिस दिन वीडियो मिला हमने उन सभी 9 लोगों की पहचान कर ली और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

मैं वहां 3 दिन रहा और इस अवधि के दौरान हमने कई निर्णय लिए। राज्य में सामान्य स्थिति स्थापित करने के लिए क्षेत्र में अर्धसैनिक बल तैनात किया गया है।

Amit shah ने मैतई और कुकी समुदाय से की ये अपील

“मैं मैतई और कुकी दोनों समुदायों से बातचीत में शामिल होने की अपील करता हूं, हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है. मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि हम राज्य में शांति लाएंगे. इस मुद्दे पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए.”

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